Hindi Stories – सोने की स्कूल | Hindi Kahani |

“सोने की स्कूल” हिंदी कहानी (Hindi Stories )एक मोरल स्टोरी है जो हमें शिक्षा के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को समझाती है। यह रूचिकर कहानी बच्चों के अध्ययन और सपनों के महत्व को विशेष रूप से परामर्श देती है। इस कहानी में एक उत्साही छात्र अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित होता है और एक नए सपने की ओर बढ़ता है। जानिए कैसे इस छोटी बालकथा में छिपे शिक्षामयी संदेशों को धैर्य से खोजते हुए हमारे छोटे सिक्षार्थियों को अध्ययन का सही मार्ग दिखाया जाता है।

 

Hindi Stories – सोने की स्कूल

एक गांव में एक सोने की स्कूल थी। यह स्कूल अपनी अद्भुत सुंदरता और शिक्षा की उच्चता के लिए प्रसिद्ध थी। गांव के छोटे-मोटे बच्चे अपने पढ़ाई के लिए इस स्कूल को देखने के लिए उत्साहित होते थे।

इस स्कूल का सभी कक्षाएं सोने से सजी हुई थीं। सोने के कक्ष सारी दुनिया में अनूठे थे और इसमें पढ़ने का एक अलग ही मजा आता था। छात्र-छात्राएं रोजाना सोने के कक्ष में जाकर पढ़ाई करते थे और उन्हें यहां की शिक्षा में बड़ी रूचि थी।

इस सोने की स्कूल के एक उत्साही छात्र ने अपने पिता से कहा, “पिताजी, मेरे पड़ोस में एक सोने की स्कूल है और वहां पढ़ाई करने का अनूठा मजा होता है। क्या मैं भी वहां अध्ययन कर सकता हूँ?”

पिताजी ने उत्साह से कहा, “बेटा, तुम्हारी इच्छा का पूर्ति करने के लिए मैं तुम्हारे सपने का सम्मान करता हूँ। जाओ, अपने सपने को पूरा करो और उच्चतम शिक्षा का लाभ उठाओ।”

उस छात्र ने खुशी मनाते हुए सोने की स्कूल में दाखिला लिया। उसका अध्ययन सोने के कक्ष में शुरू हो गया। उसे सोने की मित्रों की मिली और वहां के शिक्षकों की गुरुभक्ति से उसे अच्छी प्रेरणा मिली।

सोने की स्कूल के एक बड़े दिन को देखते हुए, छात्र बहुत खुश था। उसे लगा कि वह अपने जीवन की सबसे खास जगह पर खड़ा है। लेकिन उसके दोस्तों ने उसे बताया कि सोने की स्कूल की सीमा से पार जाने पर एक और सोने की स्कूल है। वह स्कूल भी अत्यंत सुंदर थी और शिक्षा की दृष्टि से भी सोने की वह स्कूल थी।

सोने की स्कूल | Hindi Kahani | Moral Stories

छात्र ने विचार किया, “मैंने अपने सपने को पूरा किया है, लेकिन अब एक नया सपना बनता है – सोने की स्कूल से भी ऊपर जाने का।” इस सोने की स्कूल के प्रति उसका उत्साह नहीं थमा।

सोने की स्कूल | Hindi Kahani | Moral Stories

उसने अपने पिताजी को इस सपने के बारे में बताया और उनसे अनुमति ली। पिताजी बोले, “बेटा, तुमने अपने जीवन को एक सोने की स्कूल देकर अपनी पढ़ाई की उच्चता तक पहुंचा दिया है। अब तुम्हारे सपने को पूरा करने का समय है।”

छात्र ने अपने सपने के पीछे लगे और दूसरे सोने की स्कूल के द्वार पर पहुंच गया। वहां उसे अपने दोस्तों ने संबोधित किया और उसे स्वागत किया।

सोने की स्कूल | Hindi Kahani | Moral Stories

उस छात्र का अध्ययन सोने की स्कूल से भी ऊपर जाने वाले इस सोने की स्कूल में शुरू हो गया। वहां की शिक्षा ने उसे बहुत प्रभावित किया और उसके ज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि सपने देखना महत्वपूर्ण है, लेकिन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करना भी जरूरी है। हमें अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए। शिक्षा के माध्यम से हम अपने जीवन में सफलता की ओर अग्रसर हो सकते हैं और सपने सच करने का सफर सुन्दर बना सकते हैं।

 

सोने के स्कूल | भोजपुरी कहानी | Bhojpuri Stories | भोजपुरी कहानिया

एगो गाँव में एगो सोने के स्कूल बा। यह स्कूल अपनी अद्भुत सुंदरता अरु शिक्षा के उच्चता के लिहाज से प्रसिद्ध बा। गाँव के छोट-मोट बच्चा अपनी पढ़ाई के लिहाज से बड़ उत्साहित रहल बा ए छोट सोने के स्कूल के देखब में।

हमरा सोने के स्कूल के सभी कक्षाएं सोने से सजी रहल बा। सोने के कक्ष सारी दुनिया में अनूठे बा अरु इसमें पढ़इये का अलग ही मजा आवत रहल बा। छात्र-छात्रा रोजाना सोने के कक्ष में जाकर पढ़इये करत रहल बा अरु उन्हें यहाँ की शिक्षा में बड़ी रुचि आवत रहल बा।

एक सोने के स्कूल के उत्साही छात्र ने अपने पिता से बोलल, “बाबूजी, हमरे पड़ोस में एगो सोने के स्कूल बा और तहां पढ़इये करने का अनूठा मजा आवत बा। के बा हम बी वहां अध्ययन कर सकत बा?”

बाबूजी ने उत्साह से कहल, “बेटा, तूहारी इच्छा का पूर्ति करने के लिहाज से हम तूहारे सपने के सम्मान करत बा। जा, अपने सपने को पूरा करी और उच्चतम शिक्षा के लाभ उठाई।”

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उस छात्र ने आनंद मनाते हुए सोने के स्कूल में दाखिला लिहाई। उसका अध्ययन सोने के कक्ष में शुरू हो गईल। उसे सोने के स्कूल के मित्रों का मिलल अरु तहां के शिक्षकों के भक्ति से उसको अच्छी प्रेरणा मिलल।

सोने के स्कूल के एक बड़े दिन के देखते हुए, छात्र बहुत आनंदित रहल। उसको लगल बा कि वह अपने जीवन के सबसे खास स्थान पर खड़ा बा। तब तक जब उसके दोस्त उसको बतावल कि सोने के स्कूल की सीमा से पार जाने पर एक और सोने के स्कूल बा। वह स्कूल भी अत्यंत सुंदर बा अरु शिक्षा के दृष्टि से भी सोने के स्कूल बा।

छात्र ने विचार करल, “हमने अपने सपने को पूरा किया बा, परंतु अब एक नया सपना बनावा जा रहल बा – सोने के स्कूल से भी ऊपर जाने का।” ए एह सोने के स्कूल के प्रति उसका उत्साह नहीं थमल बा।

उसने अपने बाबूजी को एह सपने के बारे में बतावल अरु उनसे अनुमति ली। बाबूजी बोलल, “बेटा, तूहारे जीवन में एक सोने के स्कूल देकर अपनी पढ़ाई के ऊंचता तक पहुंचाईल बा। अब तूहारे सपने को पूरा करने का समय आईल बा।”

छात्र ने अपने सपने के पीछे लगल अरु दूसरे सोने के स्कूल के द्वार पर पहुंच गईल। तहां उसे अपने दोस्तों ने संबोधित करल अरु उसको स्वागत कियल।

उस छात्र का अध्ययन सोने के स्कूल से भी ऊपर जाने वाले एह सोने के स्कूल में शुरू हो गईल। तहां की शिक्षा ने उसको बहुत प्रभावित कियल अरु उसके ज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचावल।

एह कहानी से हमके यह सिख मिलत बा कि सपने देखना महत्वपूर्ण बा, परंतु सपनों को पूरा करने के लिहाज से मेहनत करना बा। हमके अपने लक्ष्यों के ऊंचता तक पहुंचने के लिहाज से हमेशा प्रयास करना चाहिए अरु किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए। शिक्षा के माध्यम से हम अपने जीवन में सफलता के ऊंचता तक अग्रसर हो सकत बा अरु सपने पूरा करने का सफर सुंदर बना सकत बा।

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